मनहरी, ३ फागुनः राष्ट्रीय सूचना आयोगक प्रमुख सूचना आयुक्त डा. सुरेशप्रसाद आचार्य “सूचना अभियन्तासभ अपन मर्यादा कायम रखबाक चाही।” सूचनाक हक लेल राष्ट्रीय महासंघद्वारा आइ हेटौंडामे आयोजित ‘‘सूचनाक हकक व्यवहारिक कार्यान्वयनमे सरोकारवालासभक भूमिका’’ विषयक अन्तरक्रियामे ओ कहलैन जे स्वयं, आमनागरिक आ समाजकेँ सुसूचित करबाक लेल मर्यादित रूपमे सूचनाक मांग आ उपयोग होएब आवश्यक अइछ।
ओ कहलैन, “सूचनाक वर्गीकरण होइ छै, कतेको बेर सूचना देल जा सकैत अइछ आ कतेको बेर नै । सूचना मांगकर्ताकेँ गोपनीयता कायम राइख क आवश्यक सूचना उपलब्ध करेबाक ; चाही। सूचना किए मांगल गेल अइछ, एकर प्रयोजन स्पष्ट होएबाक चाही। सब प्रकारक सूचना मांगकर्ताकेँ भेटब आवश्यक नै होइ छै।”
सूचना माँगक नामपर भ रहल गलत नियत आ विकृतिकेँ निरुपण करबाक लेल आयोग आओरो सक्रिय रूपमे लागल अइछ, आचार्य कहलैन। ओ कहलैन, “पत्रकारक नामपर सूचना माँगिकय बार्गेनिंग करबाक प्रवृत्ति देखल गेल अइछ। कतेको जिलासभमे बदनाम व्यक्तिसभ अभियन्ताक नामपर सम्मान पाबैत छल, जाहि कारण आयोग प्रति सवाल उठल छल। आब एहन नै हएत । हमसभ तीनू गोटे संचार क्षेत्रसँ आएल छी, पत्रकारसभके किए सूचना आवश्यक होइत अइछ, से हमसभ नीकसँ बुझैत छी।”
एहि अवसरमे महासंघक अध्यक्ष उमिदप्रसाद बागचन्दक अध्यक्षतामे आयोजित कार्यक्रममे ४०सँ बेसी जिला सभक सूचना अभियन्तासभ आ महासंघक प्रतिनिधिसभ भाग लेने छलैथ।

